“पिछले 6 जून 2026 से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गयी चोरी के सम्बन्ध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं, व्यक्तिगत तौर पर मेरे ऊपर अनेकों ने अनुचित आरोप लगाए हैं. मैंने मौन धारण कर लिया है. मंदिर ट्रस्ट की धांधली को समझने हेतु SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी. यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है.
यद्यपि यह परम गोपनीय थी, अब सभी को आश्वस्त करना है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद फैलाये जा रहे सभी बिन्दुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जायेगा.
चंपत राय क्या बोले
मैं वर्ष अक्टूबर 1991 से अयोध्या में भेजा गया संगठन द्वारा, मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष से, जहाँ-जहाँ मैं रहा खुली पुस्तक के समान है. सभी को आदर पूर्वक नमन.
— चंपत राय
