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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जिस तरह देश और राज्य ने कोविड-19 जैसी बड़ी चुनौती का सामना किया था, उसी तरह अब पेट्रोल-डीजल संकट से निपटने के लिए भी सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन की खपत और कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है, इसलिए ऊर्जा बचत को लेकर गंभीरता दिखाने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों को ईंधन बचाने के लिए कई अहम निर्देश दिए हैं। इसके तहत सरकारी वाहनों के काफिलों में कमी करने, ज्यादा से ज्यादा बैठकों को ऑनलाइन आयोजित करने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे अनावश्यक रूप से वाहनों का इस्तेमाल कम करें और सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो तथा अन्य वैकल्पिक साधनों का अधिक उपयोग करें। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में “नो व्हीकल डे” जैसे अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड काल में लोगों ने अनुशासन और सहयोग की मिसाल पेश की थी। उसी तरह अगर सभी मिलकर ऊर्जा बचत की दिशा में काम करें, तो पेट्रोल-डीजल संकट जैसी चुनौतियों से भी आसानी से निपटा जा सकता है।


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