बिजली बिल हो सकता है महंगा, बढ़ सकता है फिक्स मंथली चार्ज
पेट्रोल-डीजल के बाद अब बिजली उपभोक्ताओं को झटका?
देश में पेट्रोल, डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों के बीच अब बिजली बिल भी महंगा हो सकता है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने बिजली के फिक्स मंथली चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। यदि यह लागू होता है, तो लोगों को कम बिजली इस्तेमाल करने या घर बंद होने की स्थिति में भी ज्यादा बिल चुकाना पड़ सकता है।
क्या होता है फिक्स चार्ज?
बिजली बिल आमतौर पर दो हिस्सों में आता है:
- बिजली की खपत के अनुसार यूनिट चार्ज
- हर महीने लिया जाने वाला तय फिक्स चार्ज
फिक्स चार्ज वह राशि होती है जो उपभोक्ता को हर महीने देनी होती है, चाहे बिजली का इस्तेमाल कम हो या ज्यादा। अब इसी चार्ज को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
घर बंद होने पर भी देना पड़ सकता है बिल
यदि नया प्रस्ताव लागू होता है, तो ऐसे लोग भी प्रभावित होंगे जो लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं या बहुत कम बिजली खर्च करते हैं। यानी पंखा-बल्ब न चलने और घर बंद होने की स्थिति में भी हर महीने तय फिक्स चार्ज देना पड़ सकता है।
बिजली कंपनियां क्यों बढ़ाना चाहती हैं चार्ज?
रिपोर्ट्स के अनुसार, बिजली कंपनियों का कहना है कि उन्हें ट्रांसमिशन लाइन, नेटवर्क रखरखाव और कर्मचारियों पर लगातार खर्च करना पड़ता है। दूसरी तरफ, तेजी से बढ़ रहे रूफटॉप सोलर सिस्टम के कारण कंपनियों की कमाई घट रही है क्योंकि लोग खुद बिजली पैदा करने लगे हैं।
किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा ज्यादा असर?
प्रस्ताव के मुताबिक:
- घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज कुल लागत का 25% तक हो सकता है।
- बड़े कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए इसे 2030 तक 100% तक ले जाने की चर्चा है।
इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और बिजली बचाकर खर्च कम रखने वाले परिवारों पर पड़ सकता है।
अभी सिर्फ प्रस्ताव, अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है। इसे लागू करने का अंतिम निर्णय संबंधित रेगुलेटरी संस्थाएं लेंगी। हालांकि, यदि इसे मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में बिजली बिल लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
