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Surya Grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या के दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। यह ग्रहण दुनिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में उस समय रात होने के कारण इसे सीधे नहीं देखा जा सकेगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पर ग्रहण का लाइव प्रसारण देखने से क्या सूतक या ग्रहण दोष लगेगा।

सावन अमावस्या पर पड़ेगा सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण अमावस्या के आसपास होता है। वैज्ञानिक रूप से यह घटना तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए ढक जाता है।

12 अगस्त का ग्रहण सावन अमावस्या के दिन पड़ रहा है। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना से जुड़ा माना जाता है, जबकि अमावस्या पर स्नान, दान और धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा है।

भारत में दिखाई नहीं देगा ग्रहण

12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा। इसके अलावा यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देने की संभावना है।

भारत इस ग्रहण के दृश्य क्षेत्र में शामिल नहीं है। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को यह ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देगा।

मोबाइल या टीवी पर ग्रहण देखने से लगेगा सूतक?

यह सवाल काफी लोगों के मन में है। धार्मिक ग्रंथों में मोबाइल, टीवी या इंटरनेट के जरिए सूर्य ग्रहण देखने को लेकर कोई स्पष्ट विशेष नियम नहीं मिलता।

भारत में बैठकर मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पर ग्रहण का लाइव प्रसारण देखने से सूतक लगने की बात का कोई स्पष्ट शास्त्रीय आधार नहीं है। स्क्रीन पर दिखाई देने वाला प्रसारण किसी स्थान को ग्रहण के प्रत्यक्ष क्षेत्र में नहीं ले जाता।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार सूतक का संबंध उस स्थान से माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। इसलिए भारत में इस ग्रहण के दिखाई न देने की स्थिति में सामान्य तौर पर सूतक मान्य नहीं माना जा रहा है।

क्या ग्रहण देखने के बाद स्नान करना जरूरी है?

अगर कोई व्यक्ति मोबाइल या टीवी पर सूर्य ग्रहण का प्रसारण देखता है तो उसके बाद स्नान करना अनिवार्य नहीं है।

हालांकि, धार्मिक आस्था रखने वाले लोग अपनी परंपरा और विश्वास के अनुसार स्नान, मंत्र जाप या पूजा कर सकते हैं। इसे व्यक्तिगत धार्मिक आस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।

गर्भवती महिलाएं मोबाइल पर देख सकती हैं ग्रहण?

मोबाइल या टीवी की स्क्रीन पर सूर्य ग्रहण देखने से गर्भवती महिला या गर्भस्थ शिशु को नुकसान होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखाई भी नहीं देगा, इसलिए केवल मोबाइल या टीवी स्क्रीन पर इसका प्रसारण देखने को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। सामान्य स्क्रीन-टाइम और आंखों की सुरक्षा से जुड़ी सावधानियां रखना पर्याप्त है।

सावन अमावस्या की पूजा पर क्या असर पड़ेगा?

भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देने की वजह से सावन अमावस्या से जुड़े धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं। लोग अपनी परंपरा के अनुसार स्नान, दान और पितरों के निमित्त तर्पण जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं।

सावन के कारण भगवान शिव की पूजा और शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जा सकती है। किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए समय को देखना बेहतर रहेगा।

विदेश में रहने वालों के लिए अलग हो सकते हैं नियम

भारत के बाहर जिन स्थानों पर सूर्य ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा, वहां रहने वाले लोग स्थानीय समय और अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार नियमों का पालन कर सकते हैं।

भारत में स्थिति अलग है क्योंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण यहां दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां सूतक लागू न होने की पारंपरिक मान्यता है।

निष्कर्ष

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पर इसका लाइव प्रसारण देखने से ग्रहण दोष या सूतक लगने की बात का कोई स्पष्ट शास्त्रीय आधार नहीं है।

धार्मिक आस्था रखने वाले लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं, लेकिन ग्रहण को लेकर डर या भ्रम फैलाने वाली अपुष्ट जानकारियों से बचना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी और प्रचलित धार्मिक मान्यताओं के आधार पर तैयार किया गया है। धार्मिक नियम अलग-अलग परंपराओं और पंचांगों के अनुसार अलग हो सकते हैं।


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