PM E-Drive Scheme: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही PM E-Drive योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अब इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ आगे भी लिया जा सकेगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक बाइक की बिक्री में लगातार तेजी देखी जा रही है।
2 साल तक जारी रहेगी इलेक्ट्रिक दोपहिया पर सब्सिडी
संशोधित योजना के तहत 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच रजिस्टर होने वाले पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर इंसेंटिव दिया जाएगा।
नई व्यवस्था में सरकार ₹2,500 प्रति kWh बैटरी क्षमता के हिसाब से सब्सिडी देगी। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा ₹5,000 प्रति इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन तय की गई है।
यानी बड़ी बैटरी वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने पर भी सरकार की ओर से अधिकतम ₹5,000 तक का ही इंसेंटिव मिलेगा।
₹1.5 लाख तक कीमत वाले EV को मिलेगा लाभ
PM E-Drive योजना का फायदा हर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन को नहीं मिलेगा। इसके लिए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत ₹1.5 लाख तक होनी चाहिए।
इसके अलावा वाहन को योजना के तहत निर्धारित पात्रता और तकनीकी मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।
पहले कितनी मिलती थी सब्सिडी?
PM E-Drive योजना के शुरुआती चरण में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर ज्यादा इंसेंटिव दिया जाता था।
वित्त वर्ष 2024-25 में सब्सिडी की दर ₹5,000 प्रति kWh थी और प्रति वाहन अधिकतम ₹10,000 तक का लाभ मिलता था। इसके बाद 1 अप्रैल 2025 से सब्सिडी की दर घटाकर ₹2,500 प्रति kWh कर दी गई और अधिकतम सीमा ₹5,000 कर दी गई।
अब इसी दर को आगे जारी रखने का फैसला किया गया है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी
सरकार के इस फैसले के पीछे इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में देश में करीब 2.53 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया बिके थे। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 14.6 लाख तक पहुंच गया।
यानी कुछ ही वर्षों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में कई गुना वृद्धि हुई है।
PM E-Drive योजना सिर्फ स्कूटर और बाइक तक सीमित नहीं
PM E-Drive योजना का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देना नहीं है। इसके दायरे में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, इलेक्ट्रिक बस, ट्रक, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड एम्बुलेंस तथा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करना और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देना है।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को क्या फायदा होगा?
सब्सिडी जारी रहने से इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को शुरुआती कीमत में कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की कम रनिंग कॉस्ट भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।
पेट्रोल की तुलना में कम ऊर्जा लागत, कम मेंटेनेंस और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प होने के कारण शहरों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है।
सरकार का फोकस EV बाजार को मजबूत करने पर
PM E-Drive के जरिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने के साथ देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का पूरा इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दे रही है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने से चार्जिंग स्टेशन, बैटरी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस से जुड़े क्षेत्रों में भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए PM E-Drive योजना का विस्तार राहत की खबर है। पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर अधिकतम ₹5,000 तक का इंसेंटिव जारी रहेगा और योजना को मार्च 2028 तक आगे बढ़ाया गया है।
हालांकि, वाहन खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि जिस मॉडल को आप खरीद रहे हैं वह PM E-Drive के तहत सब्सिडी के लिए पात्र है या नहीं, क्योंकि सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर यह लाभ लागू नहीं होता।
डिस्क्लेमर: सब्सिडी की पात्रता, राशि और नियम वाहन की कीमत, बैटरी क्षमता तथा योजना के तहत निर्धारित शर्तों पर निर्भर करते हैं। खरीदारी से पहले आधिकारिक नियमों और संबंधित डीलर से मौजूदा इंसेंटिव की पुष्टि जरूर करें।
