रायबरेली। माँ दुर्गा के आगमन को लेकर शहर के इंदिरा नगर स्थित होली पार्क में तैयारियां तेज हो गई हैं। यहां आयोजित होने वाले श्री माँ दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं। करीब 35 वर्षों से आयोजित हो रहा यह धार्मिक उत्सव शहर की पुरानी दुर्गा पूजा परंपराओं में शामिल है। दिनाँक – 16/10/2026 से 20/10/2026 तक पांच दिनों तक चलने वाले महोत्सव में पूजा-अर्चना, आरती, हवन, कन्या भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रहेगी।
तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी आयोजन समिति
श्री माँ दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर समिति के अध्यक्ष ओपी यादव ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के 18 सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाना है।
समिति में संयोजक डीएस अवस्थी, उपाध्यक्ष जितेंद्र तिवारी एवं विनय शुक्ला, मूर्ति व्यवस्थापक शैलेन्द्र अग्निहोत्री, महामंत्री दिग्विजय सिंह,और उपाध्यक्ष आलोक मिश्रा सहित अनुज श्रीवास्तव प्रचार मंत्री अंकित रस्तोगी एवं अन्य पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, विशेष सहयोगी शिव बहादुर सिंह और करुणा शंकर त्रिपाठी,अनुज यादव,अनंत त्रिवेदी,राजकुमार साहू भी तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
समिति के कोषाध्यक्ष एवं यजमान राजेश सिंह के अनुसार, इस वर्ष पूजा आयोजन की प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने वाली पहली समिति यही रही। उन्होंने बताया कि माँ के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी सदस्य आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
पांच दिनों तक गूंजेगी माँ की आराधना, होंगे विविध कार्यक्रम
होली पार्क में आयोजित होने वाले इस महोत्सव के दौरान पांच दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत मूर्ति स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा, श्रृंगार और आरती से होगी। इसके बाद प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी।
महोत्सव के पहले दिन शाम आठ बजे माँ की मूर्ति स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा, श्रृंगार और आरती का कार्यक्रम निर्धारित है। दूसरे दिन आरती के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा।
तीसरे दिन सुबह हवन और कन्या भोज का आयोजन होगा। इसके बाद आरती, प्रसाद वितरण और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चौथे दिन माँ की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
महोत्सव के पांचवें और अंतिम दिन सुंदरकांड पाठ एवं माँ की आरती के बाद दोपहर 12 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा राजघाट के लिए रवाना होगी।
साढ़े तीन दशक से कायम है धार्मिक आयोजन की परंपरा
इंदिरा नगर के होली पार्क में श्री माँ दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन पिछले लगभग 35 वर्षों से किया जा रहा है। समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कोषाध्यक्ष शीतला बख्श सिंह ने बताया कि वर्षों से चली आ रही यह परंपरा श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने वर्ष 2022 में समिति के पुनर्गठन के बाद युवा पदाधिकारियों द्वारा आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उनके अनुसार, नई टीम पुरानी परंपरा को बनाए रखते हुए महोत्सव को बेहतर और व्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में काम कर रही है।
भक्तों की मनोकामनाओं और अटूट आस्था का केंद्र है पंडाल
होली पार्क के दुर्गा पूजा पंडाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। समिति के महामंत्री सुनीत सिंह ने बताया कि कई भक्तों ने अपने अनुभव साझा करते हुए माँ जगत जननी को मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली देवी के रूप में वर्णित किया है। इसी विश्वास और श्रद्धा के चलते हर वर्ष शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त माँ के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं।
समिति के सदस्यों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और श्रद्धालुओं को सामूहिक पूजा-अर्चना का अवसर उपलब्ध कराना है।
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां
पांच दिवसीय महोत्सव में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के वरिष्ठ सदस्य रवि शंकर द्विवेदी, गोविन्द रस्तोगी, ओम प्रकाश सिंह,बी.के.यादव,बीके मिश्रा और राम राज शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य मार्गदर्शन दे रहे हैं।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि माँ जगत जननी के भव्य स्वागत के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन से जुड़े सभी सदस्य तैयारियों को समय पर पूरा करने में जुटे हैं, ताकि पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हो सके।
