उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव बरत रही मोदी सरकार : राहुल गांधी- कहा, राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय सड़क निधि से भेजे गए सभी प्रस्ताव केंद्र ने निरस्त किए- केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर अधिकारियों की जमकर क्लास ली- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी पांच सड़कों की जर्जर हालत वाली फोटो दिखाईं- डीएम और अफसर उनके इस होमवर्क पर हैरत में पड़े
दिशा की मीटिंग में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन को कई बार आइना दिखाया। एक-एक बिंदु पर उन्होंने केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों की खूब क्लास ली। उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर खूब निशाने साधे। कहा कि केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) से फंड के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए सारे प्रस्ताव केंद्र सरकार ने रिजेक्ट कर दिए। भारत सरकार की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना पर भी तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि योजना का प्रचार ज्यादा है, काम कम है। पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि प्रचार पर 10 प्रतिशत ही धन खर्च करने का प्रावधान है। हालांकि मीटिंग में मौजूद मंत्रियों और भाजपा विधायक योजना की खूबियां गिनाकर बचाव करते दिखे। डीएम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उपलब्धि गिना रही थीं लेकिन होमवर्क करके आए नेता प्रतिपक्ष ने पीएमजीएसवाई से बनीं पांच सड़कों- कुचरिया-विश्वनाथगंज, भवानीगढ़- बहुधा, डलमऊ-जगतपुर, दरीबा-कठघर, सुल्तानपुर खेड़ा-सहजौरा की एनलार्ज फोटो दिखाते हुए पूछा-‘ अगर योजना का क्रियान्वयन अच्छा है तो ये सड़कें खराब क्यों हैं?’ इससे डीएम के चेहरे का रंग उड़ गया। राहुल गांधी ने करीब 15 मिनट तक ग्रामीण अभियंता सेवा के अधिकारी की क्लास ली। उन्हें बताया गया कि 2 साल पहले यह सड़कें बनी थीं। संबंधित ठेकेदार का पांच साल का मरम्मत का एग्रीमेंट होता है। इस पर राहुल ने पूछा-‘ एग्रीमेंट के बाद सड़क की मरम्मत के लिए राज्य सरकार पैसा देती है कि नहीं।’ उन्होने डीएम को निर्देश दिया कि इन सड़कों की तत्काल मरम्मत कराकर हमें सूचित किया जाए।

भुएमऊ गेस्ट हाउस में प्रतिनिधिमंडलों आम लोगों से मिलने और सांसद निधि की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद पूर्वान्ह 11:30 बजे नेता प्रतिपक्ष कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में पहुंचे और ढाई घंटे तक एक-एक योजना की समीक्षा की। सीआरएफ की सड़कों के बारे में अफसर बता ही नहीं पाए:राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने डीएम से पूछा-‘ केंद्रीय सड़क निधि से जिले को कितनी सड़कें मिली हैं?’ उनके इस सवाल का कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे पाया। उन्होंने ही सदन को बताया कि केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) से फंड के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए सारे प्रस्ताव केंद्र सरकार ने रिजेक्ट कर दिए हैं। एक भाजपा विधायक महाराजगंज हैदरगढ़ की एक रोड का जिक्र करते हुए बताने की कोशिश की कि केंद्रीय सड़क निधि से यह सड़क बनी है। डीएम ने बताया कि यह सड़क सुल्तानपुर डिवीजन के अंतर्गत है। सुल्तानपुर डिवीजन के अधिकारी मीटिंग से गायब थे। प्रस्तावित स्टेडियम के रनिंग ट्रैक को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया। खिलाड़ियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट के दौरान उनसे इस संबंध में शिकायत की थी। नगर पालिका अध्यक्ष शत्रुघ्न सोनकर ने रिंग रोड फेज 1 के 14 साल में पूर्ण होने पर राहुल गांधी का ध्यान आकृष्ट किया। एनएचएआई के अफसर ने बताया कि मार्च’2027 में रिंग रोड का काम पूरा हो जाएगा।

सांसद और विधायक में मोबाइल फोटो ‘वाॅर’नामित सदस्य किरन देवी ने सलोन विधानसभा क्षेत्र में मोहम्मदाबाद के दुधवा बार्डर से जुदा जगदंब ऋषि की तपोस्थली तक खराब रोड का मुद्दा रखा। क्षेत्रीय भाजपा विधायक अशोक कोरी ने मोबाइल पर सड़क की स्थिति अच्छी होने को दिखाते हुए नामित सदस्य पर गलत जानकारी देने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस पर श्री गांधी ने बताई गई सड़क की गूगल मैप पर लोकेशन डाउनलोड कराकर सदन और डीएम को दिखाया। उन्होंने कहा कि आपकी जानकारी गलत है सड़क की वास्तविक स्थिति यह है। उन्होंने डीएम को इस सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। सांसद ने जनपद में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के बारे में भी जानकारियां मांगी उन्हें बताया गया की 336 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकान में और 1236 प्राइमरी स्कूल में चल रहे हैं।
अमेठी सांसद-राज्यमंत्री में नोंकझोंं
सांसद के सवालों पर कई बार अधिकारी असहज स्थिति में पहुंच गए। स्थिति संभालने के लिए राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय और दिनेश सिंह को कई बार मोर्चा संभालना पड़ा। भारत सरकार की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना पर राहुल गांधी ने दम से विस्तार से जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि योजना का प्रचार बहुत है लेकिन जमीन पर इसका इंपैक्ट कुछ भी नहीं है। उन्होंने पूछा जिले को कितना बजट इस योजना में मिला। बताया गया कि 30 लाख रुपए मिले हैं। इसका अध्यक्ष 10% थी पब्लिसिटी पर खर्च होता है। इस धनराशि पर भी उन्होंने सवालिया निशान लगाया। राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि संसद को केंद्रीय योजना के बारे में जानकारी नहीं है। इस पर अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने प्रतिवाद किया कि संसद को किसी भी योजना के बारे में पूछने का अधिकार है। इस पॉइंट पर दोनों के बीच बहस होती देख राहुल गांधी ने हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कराया कि आपसे (मंत्री) समझने में भूल हुई है।बाॅक्स संसदीय मंत्री के पत्र को अफसर ने गलत ठहराया:बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती ने अपने विधानसभा क्षेत्र की एक सड़क का मामला सदन में उठाया उन्होंने बताया कि नियम 51 के तहत विधानसभा में प्रश्न उठाया था इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्र लिखकर जानकारी दी की इस रोड का एक भाग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में आता है लेकिन संबंधित अधिशासी अभियंता ने संसदीय कार्य मंत्री द्वारा पत्र में लिखी गई जानकारी को गलत ठहराने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष ने निर्देश दिए की जिले की सभी सड़कों का एक मैप बनाया जाए कि कौन सी सड़क किस विभाग की है और सभी जनप्रतिनिधियों को वह मैप दिशा की अगली मीटिंग में उपलब्ध करा दें।बाॅक्स प्रधान पर कार्रवाई हुई तो सचिव पर क्यों नहीं?राही ब्लॉक के प्रशासक (प्रमुख) धर्मेंद्र बहादुर यादव ने सदन में कहा कि ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के जिम्मेदार प्रधान और सचिव बराबर के होते हैं।भ्रष्टाचार के गलत आरोपों की वजह से सरायदामू की अनुसूचित जाति की महिला ग्राम प्रधान की सब में से मौत हो गई लेकिन सचिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने अवगत कराया कि जांच चल रही है। डीएम ने भी आश्वस्त किया कि जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी लेकिन राहुल गांधी ने हस्ताक्षर किया और जल्द जांच पूरी सचिव पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख से कहा कि 20 दिन में कार्रवाई न हो तो हमें अवगत कराइए।
