गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ कार्यक्रम में पूर्वांचल के विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक निवेश को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रतिभा और मेहनत की कभी कमी नहीं रही, जरूरत सिर्फ सही अवसर और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की थी।
नौ वर्षों में बदली पूर्वी यूपी की तस्वीर
सीएम योगी के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है। इसी अवधि में पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को पहले अवसर नहीं मिल पाने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। सरकार ने शिक्षा, रोजगार, स्किलिंग और स्वरोजगार के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने का काम किया है।
गोरखपुर में निवेश से 50 हजार युवाओं को रोजगार
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में अकेले गोरखपुर में हुए निवेश से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहले बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों और विदेशों तक जाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब दूसरे राज्यों के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छा जता रहे हैं, क्योंकि उन्हें यहां ही पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो रहा है।
युवाओं की स्किलिंग पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवाओं के लिए सबसे जरूरी चीज आधुनिक कौशल प्रशिक्षण है। इसी दिशा में स्किल डेवलपमेंट सेंटर और आधुनिक तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आईटीआई संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे नए क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
सरकार का दावा है कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि कैंपस प्लेसमेंट के जरिए रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग
सीएम योगी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक कारणों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परेशानी झेलने वाले युवाओं को इस योजना के जरिए सहायता दी जा रही है।
यहां UPSC, UPPSC, NEET और IIT-JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम उपलब्ध हैं। अधिकारियों को भी अभ्युदय कोचिंग से जुड़े छात्रों के मार्गदर्शन के लिए समय देने को कहा गया है।
पूर्वी यूपी में पांच नए विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। इनमें गोरखपुर का आयुष विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय शामिल हैं।
उनके मुताबिक उच्च शिक्षा के इन संस्थानों से क्षेत्र के युवाओं को अपने ही इलाके में बेहतर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कई सरकारी स्कूलों में भवन, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी थी।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया। सरकार के अनुसार इसका असर छात्रों की उपस्थिति पर पड़ा है और स्कूलों में ड्रॉपआउट दर पहले के मुकाबले काफी कम हुई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बदलाव का दावा
योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को भी बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने इंसेफेलाइटिस की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय तक यह बीमारी पूर्वांचल के लिए बड़ी चुनौती रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। गोरखपुर में एम्स की स्थापना और आसपास के कई जिलों में मेडिकल कॉलेज खुलने से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है।
गोरखपुर से अब 14 फ्लाइटें
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय गोरखपुर से सीमित हवाई सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब यहां से करीब 14 फ्लाइटें संचालित हो रही हैं।
इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य सड़क परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने का दावा किया गया।
बंद उद्योगों के दोबारा शुरू होने का जिक्र
सीएम योगी ने गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने के दोबारा शुरू होने के साथ पिपराइच और मुंडेरवा की चीनी मिलों तथा अन्य औद्योगिक इकाइयों के संचालन का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
कानून-व्यवस्था और पूर्वांचल की पुरानी चुनौतियां
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की पुरानी कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यह क्षेत्र माफिया, बीमारी, बाढ़ और पलायन जैसी समस्याओं से जूझता था।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क और औद्योगिक विकास के जरिए पूर्वांचल की तस्वीर बदलने की कोशिश की गई है।
धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा
योगी आदित्यनाथ ने काशी और अयोध्या में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में राम मंदिर के विकास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिसका असर रोजगार और स्थानीय कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है।
विकसित उत्तर प्रदेश के जरिए विकसित भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश का विकसित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य क्षेत्र को साथ लेकर समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ गरीब, किसान, युवा, महिला और गांवों तक पहुंचे और प्रदेश के हर क्षेत्र को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
डिस्क्लेमर: इस खबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कार्यक्रम के दौरान बताए गए दावों और बयानों को उनके संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। आंकड़ों और सरकारी योजनाओं से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस कॉपी में नहीं की गई है।
