कार लोन की EMI चूकने पर क्या बैंक तुरंत जब्त कर सकता है आपकी गाड़ी? जानिए आपके कानूनी अधिकार
नई दिल्ली। आज के समय में कार खरीदना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। अधिकांश लोग बैंक या वित्तीय संस्थानों से लोन लेकर वाहन खरीदते हैं और मासिक किस्तों (EMI) के माध्यम से भुगतान करते हैं। हालांकि, नौकरी छूटने, व्यापार में नुकसान या किसी आपात स्थिति के कारण कई बार लोग समय पर किस्त जमा नहीं कर पाते। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या बैंक या फाइनेंस कंपनी तुरंत वाहन जब्त कर सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल एक-दो किस्तें बकाया होने पर बैंक सीधे वाहन अपने कब्जे में नहीं ले सकता। इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है।
पहले देना होता है नोटिस
यदि किसी उधारकर्ता की EMI बकाया रह जाती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था सबसे पहले उसे बकाया राशि जमा करने के लिए औपचारिक नोटिस भेजती है। इस नोटिस में भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर भी भुगतान नहीं होता, तब वाहन कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
रिकवरी एजेंट नहीं कर सकते अभद्र व्यवहार
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार रिकवरी एजेंट किसी भी ग्राहक को धमका नहीं सकते, गाली-गलौज नहीं कर सकते और न ही जबरन वाहन की चाबी या वाहन अपने कब्जे में ले सकते हैं। एजेंटों को अपनी पहचान और अधिकृत दस्तावेज दिखाना आवश्यक होता है।
अगर कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित व्यक्ति पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकता है।
वाहन जब्त होने के बाद भी बने रहते हैं अधिकार
यदि सभी नोटिसों और अवसरों के बावजूद भुगतान नहीं किया जाता और बैंक वाहन अपने कब्जे में ले लेता है, तब भी ग्राहक के अधिकार समाप्त नहीं होते। वाहन की नीलामी से पहले बैंक को एक अंतिम सूचना जारी करनी होती है, जिसमें बकाया राशि चुकाकर वाहन वापस लेने का अवसर दिया जाता है।
नीलामी में बची राशि लौटानी होगी
वाहन की नीलामी होने पर प्राप्त धनराशि से पहले बकाया लोन की वसूली की जाती है। यदि नीलामी से प्राप्त रकम लोन की शेष राशि से अधिक होती है, तो अतिरिक्त राशि ग्राहक को लौटाना बैंक की जिम्मेदारी होती है।
क्या करें यदि EMI भरने में परेशानी हो?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आर्थिक संकट की स्थिति में ग्राहक बैंक से संपर्क कर लोन पुनर्गठन, किस्तों के पुनर्निर्धारण या अन्य राहत विकल्पों पर चर्चा कर सकते हैं। समय रहते बैंक को जानकारी देना भविष्य की कानूनी और वित्तीय परेशानियों को कम कर सकता है।
कुल मिलाकर, कार लोन की EMI चूकने पर घबराने की जरूरत नहीं है। कानून उधारकर्ताओं को कई अधिकार प्रदान करता है और बैंक को भी निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।
