लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं की भागीदारी को शासन और नीति निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से सरोजिनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने राज्य स्तर पर ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति’ के गठन की सिफारिश करते हुए कहा है कि युवाओं के अनुभव, नवाचार और ऊर्जा का उपयोग प्रदेश के विकास में प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए।
विधायक का मानना है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे युवा राज्यों में से एक है। ऐसे में सरकार और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है। इससे युवाओं के सुझाव और विचार सीधे नीति निर्माण की प्रक्रिया तक पहुंच सकेंगे।
प्रस्ताव के अनुसार, समिति में शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, कृषि, उद्योग, सामाजिक कार्य, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को शामिल किया जा सकता है। यह समिति समय-समय पर सरकार को रोजगार, कौशल विकास, डिजिटल नवाचार, शिक्षा सुधार और उद्यमिता जैसे विषयों पर सुझाव देगी।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाया जाना चाहिए। इससे न केवल नई सोच को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सरकारी योजनाओं को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इस तरह की समिति का गठन होता है तो प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही, इससे उत्तर प्रदेश को नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में नई दिशा मिल सकती है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि शासन व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने से नीतियां अधिक व्यावहारिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बन सकती हैं। यही कारण है कि विभिन्न राज्यों और देशों में युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की पहल लगातार बढ़ रही है।
